स्वामी हरिदास का जीवन परिचय हिंदी में | Swami Haridas Ki Biography In Hindi

परिचय

स्वामी हरिदास को ललिता सखी का अवतार भी माना जाता है। ये भक्त कवि, शास्त्रीय संगीतकार तथा कृष्णोपासक सखी संप्रदाय के प्रवर्तक थे |  महान संगीतकार भी थे हरिदासजी का कण्ठ बड़ा मधुर था |

 

जन्म और परिवार

इनका पूरा नाम स्वामी हरिदास है | इनका जन्म भाद्रपद शुक्ल पक्ष अष्टमी 1535 विक्रम सम्वत् को वृंदावन, उत्तर प्रदेश में हुआ था |इनके पिता का नाम श्री आशुधीर और माता का नाम श्रीमती गंगादेवी है |

 

शादी

स्वामी हरिदास का विवाह हरिमति नाम की परम सौंदर्यमयी एवं सद्गुणी कन्या से हुआ था | माता पिता की खुशी के लिए शादी तो करवा ली |लेकिन उनका सम्पूर्ण धियान तो बाके बिहारी के चरणों में था उनके शिवा उनका धियान कहि और लगने की सभवना ही नहीं थी |
उनकी पत्नी ने ये सब देखते हुए अपने पति साधना भंग न हो वो खुद समादि में लीन हो गयी और अपने शरीर का तियाग कर दिया | और वे प्रकाश रुपी होकर श्री स्वामी जी के चरणों में विलीन हो गईं,

 

 

संगीत

ललितावतार’ स्वामी हरिदास संगीत के परम आचार्य थे तानसेन को भी स्वामी जी के दिव्य संगीत का एक कण मात्र प्राप्त हुआ था। स्वामी हरिदास जी संगीत के महँ आचार्य थे | हरिदासजी का कण्ठ बड़ा मधुर था | और उनमें संगीत की अपूर्व प्रतिभा थी जब तानसेन अपने सम्राट अकबर के साथ वृन्दावन में श्री हरिदास जी के दर्शन के लिए आया था। तो

अकबर के आने पर अनेको कलाकारों ने अपनी कलाकारी दिखाई | हरिदास जी का संगीत किसी राजा-महाराजा को नहीं उनके अपने आराध्य की उपासना को समर्पित था |

हरिदास जी महाराज अष्टादश सिद्धांत के पद, श्रीकेलिमाल आदि ग्रंथो के रचयिता भी हैं।

मृत्यु

महान संगीतकार स्वामी हरिदास जी का निधन  1630 विक्रम सम्वत् को निधिवन, वृंदावन में हुआ था |

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