bihari hd images

बिहारी का जीवन परिचय | Bihari Biography In Hindi

बिहारी का जीवन परिचय | Bihari Biography In Hindi

What Is Birth Of Bihari : 

नाम – महाकवि बिहारीलाल (Bihari Lal)

जन्म – 1595

स्थान – ग्वालियर

 पिता का नाम – केशवराय

जन्म : Birth Of Bihari Lal –

बिहारीलाल (Bihari Lal) का जन्म  1595 में ग्वालियर में हुआ था |  बिहारी बचपन बुंदेल खंड में बीता और युवावस्था अपनी ससुराल मथुरा में व्यतीत की। महाकवि बिहारीलाल जी का काव्य भाव एवं कलापक्ष दोनों ही दृष्टि से श्रेष्ठ है | रीतिकालीन काव्य की विशेषताएं उनकी रचनाओं में उपलब्ध है|

बिहारी (Bihari Lal) जी की विशेषताएं :

  • रीतिकालीन काव्य की विशेषताएं उनकी रचनाओं में उपलब्ध है|
  • बिहारी ने गागर में सागर भर दिया है|जिसमें पूर्वी हिंदी, बुंदेलखंडी उर्दू, फारसी आदि भाषाओं के शब्दों का भी प्रयोग हुआ है|
  • बिहारी श्रृंगार रस के भेद संयोग श्रृंगार का समान रूप में ही किया है|
  • बिहारी जयपुर नरेश के दरबार में रहकर काव्य-रचना करने लगे थे | वहां उन्हें पर्याप्त धन और यश मिला। 1664 में वहीं रहते उनकी मृत्यु हो गई।
  • आपको बताये बिहारी जी की सतसई नामक काव्य रचना हिंदी साहित्य की अमूल्य निधि है|
  • सौंदर्य प्रेम के चित्रण में भक्ति और नीति के समन्वय ज्योतिष गणित दर्शन के निरूपण में तथा भाषा के लक्षण एवं व्यंजक प्रयोग की दृष्टि से बिहारी बेजोड़ है|भाषा और शिल्प की दृष्टि से सतसई काव्य श्रेष्ठ है|

 

 (Bihari Lal) Ki काव्यगत विशेषताएं :

 

“बतरस लालच लाल की मुरली धरी लुकाय,

सौंह करे, भौंहनु हंसे दैन कहे, नटि जाय|”

“इति आवत चली जात उत, चली, छःसातक हाथ,

चढ़ी हिंडोरे सी रहे, लगी उसासनु साथ|”

“औंधाई सीसी सुलखि, बिरह विथा विलसात,

बीचहिं सूखि गुलाब गो, छीटों छुयो न गात|”

 

भक्ति-भावना :

 

 मेरी भव बाधा हरो, राधा नागरि सोय।
जा तन की झाई परे, स्याम हरित दुति होय॥
मति न नीति गलीत यह, जो धन धरिये जोर।
खाये खर्चे जो बचे तो जोरिये करोर॥

 

प्रकृति-चित्रण :

 

कहलाने एकत बसत अहि मयूर मृग बाघ।
जगत तपोतन से कियो, दरिघ दाघ निदाघ॥
कर फुलेल को आचमन मिथो कहत सरहि।
रे गन्ध मतिहीन इत्र दिखवत काहि॥

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *